Bihar
Darbhanga News: पंजाब में मजदूरी करते हैं पिता, बेटे ने पहले ही प्रयास में पास की BPSC परीक्षा
Darbhanga News: सीमित संसाधन और विपरीत परिस्थितियाँ कभी भी हौसलों की उड़ान को नहीं रोक सकतीं। इस बात को सच कर दिखाया है बिहार के दरभंगा जिले के एक होनहार युवक ने। दरभंगा के अलीनगर प्रखंड के श्यामपुर गांव के रहने वाले बेचन कुमार मुखिया ने 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने बिना किसी महंगी कोचिंग के, सिर्फ सेल्फ स्टडी के दम पर यह मुकाम हासिल कर अपने माता-पिता और पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।
1693वीं रैंक के साथ बने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी: Darbhanga News
बेचन कुमार मुखिया ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में 1693वीं रैंक हासिल की है। इस रैंक के साथ उनका चयन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (Block Supply Officer) के पद पर हुआ है। जैसे ही परीक्षा के परिणाम घोषित हुए और बेचन की सफलता की खबर गांव पहुंची, पूरे श्यामपुर गांव में जश्न का माहौल बन गया। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
पिता की मजदूरी और मां के त्याग से मिली प्रेरणा: Darbhanga News
बेचन की यह सफलता इसलिए बेहद खास है क्योंकि उनका पारिवारिक बैकग्राउंड काफी साधारण है। उनके पिता रामदेव मुखिया अपने परिवार का पेट पालने के लिए पंजाब में मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी मां बुच्ची दाई देवी एक गृहिणी हैं। घर की आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद, माता-पिता ने कभी भी बच्चों की पढ़ाई के आड़े तंगी को नहीं आने दिया। “बेचन अपने तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े हैं। बड़े भाई की इस अभूतपूर्व सफलता ने उनके छोटे भाई-बहनों (गंगानंद, कमल और द्रौपदी) के लिए भी सफलता के नए रास्ते खोल दिए हैं।”
बिना कोचिंग, इंटरनेट और किताबों से तय किया सफर: Darbhanga News
आज के दौर में जहां लोग सिविल सेवा की तैयारी के लिए लाखों रुपये कोचिंग में खर्च करते हैं, वहीं बेचन ने एक अलग राह चुनी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा और स्नातक (सीएम आर्ट्स कॉलेज, दरभंगा) पूरा करने के बाद घर पर ही रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
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मूल मंत्र: पूरी तरह से सेल्फ स्टडी पर भरोसा।
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डिजिटल मदद: जहां भी कोई संशय हुआ, वहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इंटरनेट का सहारा लिया।
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बड़ी उपलब्धि: अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने बीपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक कर दिखाया।
श्यामपुर गांव के दूसरे ‘लाल’ जिन्होंने बढ़ाया मान: Darbhanga News
ग्रामीणों के मुताबिक, श्यामपुर गांव के लिए यह गर्व का दूसरा बड़ा मौका है। इससे पहले 67वीं बीपीएससी परीक्षा में इसी गांव के देश कुमार यादव ने सफलता पाकर पंचायती राज पदाधिकारी का पद संभाला था। अब बेचन कुमार गांव के दूसरे ऐसे युवा बन गए हैं जो अधिकारी बनकर लौट रहे हैं।
गांव लौटने पर हुआ भव्य सम्मान
रविवार को जब बेचन कुमार अपने गांव श्यामपुर पहुंचे, तो ‘जन कल्याणकारी सह शिक्षा विकास मंच’ और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर उनका और उनकी मां का भव्य स्वागत किया। मिथिला की परंपरा के अनुसार उन्हें पाग, माला और गमछा पहनाकर सम्मानित किया गया। ग्रामीणों का मानना है कि बेचन की यह कहानी गांव के अन्य बच्चों को भी ऊंचे सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देगी।