Bihar
Koshi का जलस्तर बढ़ा: बराज के 20 फाटक खोले गए, इंजीनियरों को अलर्ट
सुपौल। नेपाल के तराई क्षेत्रों और जललग्रहण इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण Koshi नदी के जलस्तर में भारी उफान देखा जा रहा है। मंगलवार की सुबह 08:00 बजे बराहक्षेत्र में नदी का डिस्चार्ज बढ़कर 1,26,200 क्यूसेक दर्ज किया गया है, जो लगातार बढ़ते क्रम में है।
Saharsa, Bihar: Following heavy rainfall in Nepal’s hilly and Terai regions, the water level of the Kosi River has started rising in Bihar pic.twitter.com/XlgPMjbphB
— IANS (@ians_india) July 14, 2026
खतरे के निशान को पार करती नदी की आक्रामक स्थिति को देखते हुए वीरपुर स्थित कोसी बराज के 20 फाटकों को खोल दिया गया है, जिससे तटबंध के भीतर बसे गांवों में तनाव और बाढ़ की आशंका काफी बढ़ गई है।
Koshi News: इस साल का टूट सकता है सर्वाधिक रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कोसी नदी के जलस्तर में हो रही यह तीव्र वृद्धि इस साल के अब तक के सबसे ऊंचे जलस्तर के रिकॉर्ड (1,86,385 क्यूसेक) को भी पार कर सकती है। नदी के इस अप्रत्याशित रूप को देखते हुए विभागीय अधिकारी और निचले इलाकों के ग्रामीण बेहद सतर्क हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) और अधीक्षक अभियंता (सुप्रिटेंडेंडिंग इंजीनियर) स्वयं कंट्रोल रूम से पल-पल की स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं।
Koshi News: तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे चीफ इंजीनियर
बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षात्मक तैयारियों की समीक्षा करने के लिए सोमवार की शाम स्वयं विभागीय चीफ इंजीनियर संजीव शैलेश और सुप्रिटेंडेंडिंग इंजीनियर संजय कुमार कोसी बराज पहुंचे थे। उन्होंने बराज के परिचालन और सुरक्षा उपायों का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बराज स्थल पर सिर्फ कनीय अभियंता (जेई) की मौजूदगी पाए जाने पर अधिकारियों ने गहरी नाराजगी भी व्यक्त की और मौके पर तैनात अन्य जिम्मेदार कर्मियों को मुस्तैद रहने की हिदायत दी।
Koshi News: बराज और दोनों तटबंध पूरी तरह सुरक्षित: विभाग का दावा
बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के भीतर बसे लोगों में बेचैनी जरूर है, लेकिन जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। विभागीय मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि कोसी बराज की संरचना और नदी के पूर्वी तथा पश्चिमी, दोनों मुख्य तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत स्थिति में हैं। संवेदनशील स्थलों पर विभाग की फ्लड फाइटिंग टीमें तैनात हैं जो चौबीसों घंटे निगरानी कर रही हैं।
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