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Madhepura: सड़क को तरस रहे दो पंचायतों के 350 परिवार, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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Madhepura सरकार द्वारा किए जा रहे विकास के तमाम दावों के बीच मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड से ग्रामीणों की बदहाली की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। यहां के छर्रा पट्टी टोला की एक बेहद महत्वपूर्ण संपर्क सड़क पिछले कई वर्षों से विभागीय और प्रशासनिक उपेक्षा का दंश झेल रही है।

लक्ष्मीपुर चंडी स्थान (वार्ड संख्या 10) से रानी पट्टी सुखासन (वार्ड संख्या 7) को जोड़ने वाली इस जर्जर सड़क के कारण दोनों पंचायतों के लगभग 350 परिवारों का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

Madhepura News: बीमारों को खाट पर ढोने की मजबूरी, बारात भी आती है पैदल

स्थानीय ग्रामीण गजेंद्र यादव, शंकर शर्मा, महंती शर्मा, बद्री शर्मा, अनिल मंडल और ज्योतिष मंडल सहित दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि सड़क के अभाव में हर मौसम में आवागमन नारकीय बन जाता है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी अधिक भयावह हो जाती है।

ग्रामीणों ने बताया कि:

  • स्वास्थ्य सेवाओं का संकट: गांव में यदि कोई व्यक्ति अचानक गंभीर रूप से बीमार हो जाए, तो कोई भी एम्बुलेंस या वाहन गांव के भीतर नहीं आ पाता। परिजनों को लाचार होकर मरीज को खाट पर लादकर पैदल ही सुखासन हटिया चौक तक ले जाना पड़ता है, जिसके बाद ही आगे का सफर तय हो पाता है।

  • मांगलिक कार्यों में बाधा: शादी-विवाह के मौकों पर भी मुख्य सड़क से गांव तक बारात को रानी पट्टी सुखासन हटिया चौक से पैदल ही चलकर आना पड़ता है, जिससे मेहमानों और परिजनों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती है।

Madhepura News: 100 मीटर की ढलाई कर भूल गया प्रशासन

ग्रामीणों के अनुसार, पिछले वर्ष जिला परिषद क्षेत्र संख्या-10 की योजना के तहत महज 100 मीटर सड़क का निर्माण (ढलाई) कराया गया था। लेकिन उस मामूली काम के बाद निर्माण कार्य को पूरी तरह से बंद कर दिया गया। आज भी इस मुख्य संपर्क मार्ग का एक बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह से कच्चा, गड्ढों से भरा और जर्जर पड़ा हुआ है। दो पंचायतों के बीच लाइफलाइन मानी जाने वाली इस सड़क (रानीपट्टी सुखासन हटिया चौक से रोड संख्या-18) के स्थाई निर्माण को लेकर वर्षों से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी

ग्राम पंचायत गठन के कई साल बीत जाने के बाद भी बुनियादी सुविधा न मिलने से स्थानीय लोगों में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र के निवासियों ने जिला प्रशासन से अविलंब इस जर्जर सड़क के पूर्ण निर्माण कार्य को शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द ही इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।

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