Bihar
Madhepura Fire Incident: 9 घर जलकर राख, कई बेघर
मधेपुरा: Madhepura Fire Incident: बिहार के मधेपुरा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में अचानक भड़की भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। त्योहार के उल्लास के बीच घटी इस अप्रत्याशित घटना ने कई हंसते-खेलते परिवारों की खुशियों को पलभर में मातम और आंसुओं में बदल दिया।
खाना बनाते समय चूल्हे से निकली एक छोटी सी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आधा दर्जन परिवारों के नौ फूस के घरों को पूरी तरह जलाकर राख कर दिया।
Madhepura Fire Incident: चिंगारी बनी काल, मिनटों में राख हुआ आशियाना
घटना उदाकिशुनगंज प्रखंड अंतर्गत बीड़ी रणपाल पंचायत के वार्ड संख्या एक की है। रविवार दोपहर एक घर में रोजाना की तरह भोजन पकाया जा रहा था। इसी दौरान चूल्हे से निकली एक चिंगारी पास की सूखी फूस की दीवार पर जा गिरी। तेज पछुआ हवा और सूखे छप्पर के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया।
जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते, लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास स्थित अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की विकरालता देख पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। लोग अपने बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे, जिससे किसी तरह जान तो बच गई लेकिन वे अपनी गृहस्थी का कोई भी सामान नहीं बचा सके।
Madhepura Fire Incident: ग्रामीणों का साहस और दमकल विभाग की कार्रवाई
आसमान में धुएं का भयंकर गुबार देख आसपास के सैकड़ों ग्रामीण दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने अदम्य साहस दिखाते हुए चापाकलों और बर्तनों से पानी डालकर लपटों पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के आगे सारे देशी उपाय नाकाफी साबित हुए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि जयकिशोर ठाकुर ने तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल पदाधिकारी हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जा सकी, तब तक नौ घर पूरी तरह जलकर स्वाहा हो चुके थे।
Madhepura Fire Incident: त्योहार की उमंग पर फिरा पानी, लाखों का नुकसान
इस दर्दनाक अग्निकांड में सुबोध यादव, फाइटर कुमार, परमानंद यादव, बबलू यादव, कुमोद यादव और मिलन यादव के परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों के घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, नकदी, जेवरात, बिस्तर और महत्वपूर्ण दस्तावेज सब जलकर राख हो गए।
दुर्गा पूजा और मेले को लेकर जिन घरों में नए कपड़े और मिठाइयों की तैयारी चल रही थी, वहां अब केवल राख और बर्बादी का मंजर है। बच्चों के चेहरे की खुशी आंसुओं में तब्दील हो गई है। पीड़ितों के पास अब न तो सिर छिपाने के लिए छत बची है और न ही दो वक्त के भोजन की कोई व्यवस्था रह गई है।
प्रशासन से तत्काल राहत की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी अंचलाधिकारी ओम राजपूत ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि संबंधित क्षेत्र के राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल की जांच कर क्षति का विस्तृत आकलन करने का निर्देश दिया गया है।
अंचलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होते ही आपदा प्रबंधन विभाग के नियमों के तहत उचित आर्थिक और राहत सामग्री जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत भोजन, पेयजल और तिरपाल की आपातकालीन व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है।
यह भी पढ़े: रांची के बकरी बाजार मेले में बड़ा हादसा टला, हवा में टूटा वाशिंग मशीन झूला
यह भी पढ़े: Saharsa में दर्दनाक हादसा: बहवा तिनमुहानी नदी में डूबे 20 वर्षीय लक्ष्मण का शव SDRF ने निकाला, परिजनों में मचा कोहराम