Bihar
Madhepura News: सड़क हादसे के घायलों को मिलेगा ₹1.50 लाख तक कैशलेस इलाज, 7 दिनों की सुविधा, आयुष्मान कार्ड भी जरूरी नहीं
Madhepura News: सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने और उन्हें त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार की कैशलेस उपचार योजना प्रभावी रूप से लागू है। ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी देते हुए बताया कि मोटर वाहन दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को निर्धारित अस्पतालों में अधिकतम ₹1.50 लाख तक का निःशुल्क कैशलेस इलाज मिलेगा। यह सुविधा दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक मान्य होगी और इसके लिए मरीज के पास आयुष्मान कार्ड का होना अनिवार्य नहीं है।
योजना से जुड़ी प्रमुख बातें: Madhepura News
योजना से जुड़ी प्रमुख बातें और शर्तें डीएसपी ने योजना के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं को स्पष्ट किया:
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कैशलेस सुविधा, नकद राशि नहीं: यह ₹1.50 लाख की राशि घायल के बैंक खाते में नहीं भेजी जाएगी, बल्कि यह अस्पताल में इलाज के खर्च की अधिकतम सीमा (कैशलेस पैकेज) है।
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एडवांस जमा करने से मुक्ति: इलाज शुरू कराने से पहले परिजनों को किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।
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रेफरल की सुविधा: यदि संबंधित अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक या उपकरण उपलब्ध नहीं हैं, तो मरीज को उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया जा सकेगा।
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आयुष्मान कार्ड की बाध्यता नहीं: बिना आयुष्मान कार्ड वाले पीड़ित भी इसके पात्र हैं, जबकि पूर्व से आयुष्मान लाभार्थी होने पर उन्हें दोनों योजनाओं के प्रावधानों का लाभ मिल सकता है।
हादसा होते ही 112 पर दें सूचना: Madhepura News
हादसा होते ही 112 पर दें सूचना, इलाज में न हो देरी ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि दुर्घटनास्थल पर विवाद या मुआवजे की मांग में समय गंवाने के बजाय ‘गोल्डन आवर’ में घायल की जान बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए:
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आपातकालीन कॉल: दुर्घटना होते ही तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस और एंबुलेंस को सूचित करें।
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पुलिस प्रक्रिया के कारण इलाज न रुके: दुर्घटना का विवरण ई-डीएआर (e-DAR) पोर्टल पर दर्ज किया जाता है, लेकिन कागजी या विधिक कार्रवाई के इंतजार में अस्पताल घायल का जीवन रक्षक उपचार नहीं रोक सकते।
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इलाज से इनकार पर समाधान: यदि कोई पैनलबद्ध अस्पताल इलाज में आनाकानी करता है, तो परिजन अस्पताल में तैनात ‘आरोग्य मित्र’, नोडल पदाधिकारी या आधिकारिक हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत दर्ज करा सकते हैं।