Bihar
Patna में राजस्व विभाग की बड़ी समीक्षा: 99% आवेदन खारिज करने पर सारण के 3 अंचल अधिकारी नपेंगे, निलंबन के आदेश
Patna: बिहार में राजस्व और भूमि सुधार से जुड़े मामलों के निष्पादन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शास्त्रीनगर स्थित राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय सचिव जय सिंह ने कड़ा कदम उठाते हुए सारण जिले के तीन अंचल अधिकारियों (CO) के निलंबन का निर्देश जारी किया है। इन अधिकारियों ने राजस्व महाअभियान के अंतर्गत आए लगभग 99 फीसदी आवेदनों को खारिज कर दिया था, जिसे विभाग ने घोर प्रशासनिक शिथिलता माना है।
Patna News: जमाबंदी सुधार में अंचल अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह की अध्यक्षता में सारण, सुपौल और पश्चिम चंपारण जिले के अंचल अधिकारियों के कामकाज की गहन समीक्षा की गई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जमाबंदी शुद्धीकरण और त्रुटियों के निवारण की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित सीओ की होगी।
सचिव ने निर्देश दिए कि:
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अंचल अधिकारी केवल रैयतों द्वारा आवेदन किए जाने की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं संज्ञान लेकर त्रुटियों को दूर करने की पहल करें।
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पूर्व में तकनीकी या लिपिकीय त्रुटियों के कारण अस्वीकृत (रिजेक्ट) किए गए मामलों की पुनः समीक्षा की जाए और आवश्यक सुधार के साथ उनका त्वरित निष्पादन किया जाए।
सारण के तीन सीओ पर निलंबन की गाज, चार अन्य को कड़ी चेतावनी
समीक्षा के दौरान पाया गया कि सारण जिले के तीन अंचलों में राजस्व महाअभियान के तहत प्राप्त आवेदनों में से 99 प्रतिशत को बिना ठोस आधार के निरस्त कर दिया गया था।
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निलंबन की अनुशंसा: इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए सारण जिले के परसा, अमनौर और दरियापुर के अंचल अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का निर्देश दिया गया।
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कार्यशैली सुधारने की चेतावनी: कार्यों के निष्पादन में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर पश्चिम चंपारण के ठकराहां व नौतन तथा सुपौल जिले के पिपरा व बसंतपुर अंचलों के सीओ को अपनी कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने और पारदर्शी तरीके से मामले सुलझाने की सख्त हिदायत दी गई।
Patna News: 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक त्रुटि निवारण का विशेष अभियान
विभाग ने 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक एक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
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जमाबंदी त्रुटि निवारण: जमाबंदी पंजी में दर्ज नामों, रकबा या अन्य विसंगतियों को समयबद्ध तरीके से ठीक करना।
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उत्तराधिकार नामांतरण: मृत रैयतों के स्थान पर उनके वैध उत्तराधिकारियों के नाम नामांतरण (दाखिल-खारिज) की प्रक्रिया में अंचल स्तर से सक्रियता दिखाकर निर्धारित लक्ष्य पूरा करना।
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अधिकारियों की सीधी निगरानी: अंचल अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय दैनिक प्रगति की खुद निगरानी करेंगे।
अभियान बसेरा: भूमिहीनों को मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं
भूमिहीन परिवारों को जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े ‘अभियान बसेरा’ को लेकर भी बैठक में स्थिति स्पष्ट की गई। सचिव ने निर्देश दिया कि:
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पात्र भूमिहीन लाभुकों को आवेदन देने के लिए पटना स्थित राज्य मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं है; वे अपने स्थानीय अंचल कार्यालय में ही आवेदन जमा कर सकते हैं।
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अंचल स्तर पर सही और सुलभ जानकारी उपलब्ध कराई जाए। लाभुकों को गुमराह करने या बिचौलिया संस्कृति को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में प्रमुख विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उप निदेशक मोना झा, संयुक्त सचिव गिरधारी लाल, डॉ. सुनील कुमार, संजय कुमार सिंह, विशेष कार्य पदाधिकारी मणिभूषण किशोर, नवाजिश अख्तर, अनुपम प्रकाश, उप सचिव अविनाश कुमार, सहायक निदेशक-सह-जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी तथा आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत संबंधित तीनों जिलों के सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे।