Bihar
Saharsa News: ₹127.45 करोड़ की जलापूर्ति योजना को मंजूरी, अगले साल से मिलेगा शुद्ध पानी
Saharsa News: बिहार के सहरसा शहर के निवासियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। शहर में लंबे समय से चली आ रही शुद्ध पेयजल की समस्या का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। केंद्र प्रायोजित अमृत 2.0 (Amrit 2.0) योजना के तहत सहरसा के लिए 127.45 करोड़ रुपये की भव्य जलापूर्ति परियोजना को बिहार सरकार की राज्य मंत्रिपरिषद से प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। बुडको (BUIDCO) द्वारा इस योजना के लिए निविदा (Tender) प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। निविदा पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी को 12 महीने के भीतर इस पूरे प्रोजेक्ट का काम मुकम्मल करना होगा, जिसका सीधा मतलब है कि अगले साल से लोगों के घरों तक शुद्ध पानी पहुंचने लगेगा।
पानी के पीलेपन और बीमारियों से मिलेगी मुक्ति: Saharsa News
सहरसा शहरी क्षेत्र के पानी में आयरन की अत्यधिक मात्रा होने के कारण पानी में पीलापन देखा जाता है। इस तरह का दूषित पानी लंबे समय तक पीने से स्थानीय नागरिकों को पेट और लीवर से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए परियोजना के तहत विशेष अत्याधुनिक प्लांट लगाए जा रहे हैं:
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आयरन रिमूवल ट्रीटमेंट प्लांट: पानी से पीलापन और भारी तत्वों को पूरी तरह साफ करने के लिए 8 आयरन रिमूवल प्लांट बनाए जाएंगे।
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क्लोरीनेटर युक्त पंप हाउस: जल-जनित (Water-borne) बीमारियों को रोकने और पानी की शुद्धता बनाए रखने के लिए 12 क्लोरीनेटर प्रणाली वाले पंप हाउस का निर्माण होगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और बुनियादी ढांचा: Saharsa News
इस महात्वाकांक्षी योजना के धरातल पर उतरने से सहरसा की शहरी आधारभूत संरचना (Urban Infrastructure) को एक नई मजबूती मिलेगी। इस प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
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लक्षित घर: शहर के 17,454 घरों को सीधे शुद्ध नल के जल का कनेक्शन मिलेगा।
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ट्यूबवेल और जलमीनार: पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए 12 नए ट्यूबवेल और 8 विशाल जलमीनार (Water Tanks) का निर्माण किया जाएगा।
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पाइपलाइन नेटवर्क: पूरे शहर को कवर करने के लिए 186.49 किलोमीटर लंबा जल वितरण नेटवर्क बिछाया जाएगा।
शहरी स्वच्छता को मिलेगी नई ताकत: राज्य मंत्रिपरिषद की इस मंजूरी से न सिर्फ स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि आने वाले समय में सीवरेज प्रबंधन और शहरी स्वच्छता व्यवस्था को भी एक आधुनिक और मजबूत ढांचा मिलेगा, जिससे नागरिकों के जीवन स्तर (Quality of Life) में बड़ा सुधार आएगा।