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Saharsa News: सहरसा में गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल, हिंदू-मुस्लिम एकता के साथ संपन्न हुआ मोहर्रम

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Saharsa News: बिहार का सहरसा जिला एक बार फिर सांप्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का गवाह बना। शनिवार को जिले भर में मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान सहरसा की सड़कों और इमामबाड़ों में जो नजारा दिखा, उसने समाज को एकता और सामाजिक समरसता का एक बड़ा संदेश दिया।

विनय कुमार मिश्र की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन की चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था के बीच युवाओं के हैरतअंगेज करतबों और पारंपरिक ताजिया मिलान ने हर किसी का दिल जीत लिया।

1. अखाड़ों में दिखा जज्बा: पारंपरिक करतबों ने मोहा मन: Saharsa News

मोहर्रम के अवसर पर सहरसा की गलियां ढोल-ताशों की गूंज और जंगी करतबों से जीवंत हो उठीं। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकले जुलूसों में युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों का उत्साह देखने लायक था।

  • हैदराबादी और पारंपरिक कला: युवाओं ने लाठी, तलवार और फरसा चलाने के हैरतअंगेज पारंपरिक करतब दिखाए।

  • मेले जैसा माहौल: इमामबाड़ों के इर्द-गिर्द रंग-बिरंगे स्टॉल और मेलों ने त्योहार की रौनक को दोगुना कर दिया, जहां हर धर्म के लोग शामिल हुए।

2. सहरसा की पहचान: क्यों खास रही इस बार की गंगा-जमुनी संस्कृति?: Saharsa News

सहरसा बस्ती के मो. मंसूर आलम, मीर टोला के इम्तियाज आलम और वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अकबर हुसैन ने बताया कि इस बार का मोहर्रम बेहद खास था। उनके अनुसार “मोहर्रम केवल एक मजहबी रवायत नहीं है, बल्कि यह हमारे सहरसा की साझी संस्कृति का हिस्सा है। यहाँ हिंदू और मुस्लिम भाई मिलकर इस आयोजन को सफल बनाते हैं। यही हमारी असली ताकत और खूबसूरत मिसाल है।”

3. ऐतिहासिक मिलन: प्रमुख रणक्षेत्रों में सजे ताजिया: Saharsa News

इस वर्ष भी निर्धारित रूटों के तहत भव्य ताजिया मिलान का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों पर अलग-अलग क्षेत्रों से ताजिया पहुंचे:

णक्षेत्र / इमामबाड़ा – शामिल होने वाले क्षेत्र (टोला)

बस्ती रणक्षेत्र – सहरसा बस्ती, झपड़ा टोला, कॉलेज गेट और फकीर टोला

मीर टोला – अलीनगर से आए भव्य ताजिया

गांधी पथ इमामबाड़ा – मछली मार्केट, ननसी टोला और सराही

सभी ताजियों को उनके निर्धारित मिलन स्थलों के बाद पारंपरिक विधि-विधान के साथ मुख्य रणक्षेत्र ले जाया गया, जहां यह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

4. मुस्तैद प्रशासन: सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम: Saharsa News

पर्व के दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। संवेदनशील इलाकों में मजिस्ट्रेट के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

  • अधिकारियों का दौरा: सदर एसडीओ श्रीयांश तिवारी और सदर एसडीपीओ आलोक कुमार के नेतृत्व में सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार ने दिनभर सहरसा बस्ती और मीर टोला जैसे रणक्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया।

  • शांति की अपील: अधिकारियों ने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद बनाए रखा, जिससे पूरा आयोजन बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ।

5. कर्बला की शहादत और त्याग का संदेश

इस्लामी कैलेंडर के अनुसार, मोहर्रम का महीना त्याग, बलिदान और गम का प्रतीक है। यह दिन कर्बला के मैदान में हजरत इमाम हसन और इमाम हुसैन द्वारा हक और इंसाफ के लिए दी गई महान शहादत की याद दिलाता है। सहरसा के लोगों ने इस ऐतिहासिक शहादत को नमन करते हुए समाज में अमन-चैन बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

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