Bihar
Saharsa News: कोसी प्रमंडल राजस्व समीक्षा, म्यूटेशन और एलपीसी कार्यों में सुस्ती पर आयुक्त सख्त, दिए त्वरित निपटारे के निर्देश
Saharsa News: कोसी प्रमंडल में राजस्व एवं विकास कार्यों की कछुआ गति और फाइलों में दबे लंबित मामलों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने इस सुस्ती पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को दो टूक शब्दों में काम में तेजी लाने की हिदायत दी है। सहरसा के विकास भवन सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ऑनलाइन सेवाओं में देरी पर भड़के आयुक्त: Saharsa News
बैठक में ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज), एलपीसी (भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र), परिमार्जन प्लस और भू-लगान जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल कार्यों की वर्तमान स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि इन ऑनलाइन सेवाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को सहूलियत देना है, न कि उन्हें परेशान करना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
ई-मापी और अतिक्रमण हटाने को दी ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’: Saharsa News
भूमि विवादों को कम करने के लिए आयुक्त ने ई-मापी से जुड़े मामलों को बिना किसी देरी के ‘टॉप प्रायोरिटी’ पर निपटाने का आदेश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने सार्वजनिक और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जों को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक है और इस पर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
राजस्व न्यायालयों की होगी नियमित मॉनिटरिंग: Saharsa News
प्रमंडल के समाहर्ता, अपर समाहर्ता और भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) न्यायालयों में महीनों से लंबित पड़े मामलों पर भी बैठक में चर्चा हुई। आयुक्त दिनेश कुमार ने इन मामलों के शीघ्र निपटारे की आवश्यकता पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं इन मामलों की नियमित मॉनिटरिंग (निगरानी) करें।
भू-लगान संग्रहण: लक्ष्य हासिल करने का टास्क
राजस्व की स्थिति सुधारने के लिए आयुक्त ने भू-लगान संग्रहण की समीक्षा की। उन्होंने निर्धारित वित्तीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए राजस्व अधिकारियों को जमीनी स्तर पर सक्रिय होने को कहा। अपर समाहर्ता और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राजस्व कार्यों की लगातार समीक्षा करें। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार, मधेपुरा के जिलाधिकारी अभिषेक रंजन, और सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार सहित कोसी प्रमंडल के तीनों जिलों के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।