Bihar
Saharsa News: सहरसा में दुर्गा पूजा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, पंडालों से लेकर विसर्जन तक पुलिस का कड़ा पहरा, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर पूर्ण प्रतिबंध
Saharsa News: शारदीय नवरात्र और विजयादशमी के पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सहरसा जिला पुलिस ने सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है। पूजा पंडालों की सुरक्षा से लेकर प्रतिमा विसर्जन जुलूस तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की सख्त निगरानी रहेगी। ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सर्वोच्च न्यायालय और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
एसपी विक्रम सिहाग ने की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा: Saharsa News
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए एसपी विक्रम सिहाग ने आगामी त्योहारों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्सव के दौरान शांति व्यवस्था में खलल डालने या प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले तत्वों से पुलिस पूरी सख्ती से निपटेगी। एसपी ने पूजा समितियों के पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे जिले की सौहार्दपूर्ण परंपरा को बनाए रखते हुए प्रशासन का सहयोग करें।
ध्वनि विस्तारक यंत्रों और विसर्जन जुलूस के लिए सख्त नियम: Saharsa News
त्योहार के दौरान आम नागरिकों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और रोगियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं:
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समय सीमा का पालन: रात 10:00 बजे के बाद किसी भी पंडाल या सार्वजनिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति नहीं होगी।
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ध्वनि यंत्रों के लिए अनुमति अनिवार्य: विसर्जन जुलूस के दौरान साउंड बॉक्स या लाउडस्पीकर के प्रयोग के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) कार्यालय से पूर्व स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा। बिना वैध अनुमति के डीजे या साउंड बॉक्स के संचालन पर जब्ती व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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लाइसेंस की अनिवार्यता: सभी पूजा पंडालों को स्थानीय प्रशासन से विधिवत अनुमति और लाइसेंस प्राप्त करने के उपरांत ही स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
त्वरित कार्य बल (QRT) का गठन और प्रमुख पंडालों में तैनाती: Saharsa News
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए पुलिस ने विशेष रणनीति बनाई है:
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क्यूआरटी की सक्रियता: जिले में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो संवेदनशील इलाकों और मुख्य मार्गों पर लगातार गश्त करती रहेगी।
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पंडालों पर पुलिस बल: जिले के सभी प्रमुख और भीड़भाड़ वाले पूजा स्थलों पर पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।
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विसर्जन की निगरानी: प्रतिमा विसर्जन के निर्धारित मार्गों पर पुलिस बल जुलूस के साथ चलेगा, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या अव्यवस्था से तुरंत निपटा जा सके।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई का संकल्प
एसपी विक्रम सिहाग ने कहा कि सहरसा हमेशा से आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि पंडालों और आयोजनों में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के सम्मान और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इंटरनेट मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन पर देने की अपील की गई है।