Bihar
Saharsa: सड़क निर्माण में अड़ंगा, रास्ता खाली कराने के लिए डीएम से गुहार
Saharsa। नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-26 में प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। वार्ड पार्षद साईबा खातून के प्रतिनिधि मो. अली खान के नेतृत्व में सोमवार को दर्जनों स्थानीय ग्रामीणों ने समाहरणालय (डीएम कार्यालय) पहुंचकर जिलाधिकारी को एक आवेदन सौंपा है।
सौंपे गए आवेदन में एक व्यक्ति पर दबंगई के बल पर सरकारी सड़क निर्माण कार्य को बाधित करने और सार्वजनिक रास्ते का अतिक्रमण करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
Saharsa: निजी जमीन बताकर रुकवाया सरकारी काम
वार्ड प्रतिनिधि मो. अली खान ने जिलाधिकारी को बताया कि नगर निगम की स्वीकृत योजना के तहत अली बाबू के घर से सहजाद अली के घर होते हुए एनएच-107 (सहरसा-मधेपुरा मुख्य मार्ग) तक पक्की सड़क का निर्माण होना है। जब इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया, तो वार्ड संख्या-27 के निवासी मो. करामत अली ने इस भूमि को अपनी निजी जमीन बताते हुए काम को बीच में ही रुकवा दिया। सड़क का काम रुकने से इस इलाके के सैकड़ों परिवारों के सामने आवागमन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
Saharsa: सरकारी मापी में हुआ अतिक्रमण का खुलासा
आवेदन के अनुसार, विवाद बढ़ने पर केवाला धारकों ने अंचलाधिकारी (सीओ) कहरा और सदर थाना को इसकी लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद बीते 16 जून को अंचलाधिकारी, अंचल अमीन और पुलिस बल की उपस्थिति में विवादित स्थल की सरकारी मापी कराई गई थी।
वार्ड प्रतिनिधि का दावा है कि अंचल अमीन की मापी रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि संबंधित व्यक्ति ने अपनी निर्धारित सीमा से आगे बढ़कर लगभग एक कट्ठा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा है और 10 फीट चौड़े सार्वजनिक रास्ते को पूरी तरह बाधित कर दिया है।
धमकी देने और भ्रम फैलाने का आरोप, जल्द निर्माण की मांग
डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी व्यक्ति गलत तथ्यों के सहारे स्थानीय लोगों को गुमराह कर रहा है। इसके साथ ही विरोध करने वाले ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को जान-माल की धमकी दी जा रही है।
वार्ड प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि अंचलाधिकारी की मापी रिपोर्ट और नगर निगम के कार्यादेश के आधार पर इस सार्वजनिक रास्ते को तुरंत अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए ताकि आम लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी से निजात मिल सके।
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