Bihar

छातापुर में रविवार की छुट्टी रद्द: BDO ने खुलवाया दफ्तर, 23 पंचायतों की 230 योजनाओं का तैयार हुआ खाका

Published

on

छातापुर (सुपौल)। बिहार सरकार के ‘कायाकल्प विशेष अभियान’ को गति देने और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सुपौल जिले के छातापुर में रविवार को प्रशासनिक तत्परता का अनोखा उदाहरण देखने को मिला।

प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. राकेश गुप्ता के निर्देश पर छुट्टी के दिन भी प्रखंड सह अंचल कार्यालय खोला गया। ललित नारायण सभागार में घंटों चली मैराथन बैठक के दौरान प्रखंड की 23 पंचायतों के लिए 230 महत्वपूर्ण योजनाओं का खाका तैयार कर विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

जिला स्तरीय समीक्षा में मिली खामियों के बाद लिया गया सख्त निर्णय

हाल ही में जिला मुख्यालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान छातापुर प्रखंड की योजनाओं में कई तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियां पाई गई थीं:

  • समय-सीमा का दबाव: शासन स्तर से निर्धारित समय-सीमा के भीतर त्रुटिरहित डेटा भेजने का निर्देश था।

  • छुट्टी रद्द कर बुलाई बैठक: खामियों को तुरंत दुरुस्त करने के लिए बीडीओ ने रविवार का अवकाश रद्द करते हुए सभी संबंधित कर्मियों को दफ्तर में उपस्थित रहने का आदेश दिया।

स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी भवनों का होगा कायाकल्प

ग्रामीण विकास विभाग की गाइडलाइन के अनुसार गांवों के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है:

  • प्रत्येक पंचायत से 10 योजनाएं: प्रखंड की सभी 23 पंचायतों से प्राथमिकता के आधार पर 10-10 योजनाएं चुनी गई हैं, जिससे कुल 230 योजनाओं का चयन हुआ है।

  • बुनियादी ढांचे का जीर्णोद्धार: इन योजनाओं के तहत गांवों में स्थित पुराने उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक व मध्य विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक भवनों की मरम्मत व नवीनीकरण होगा। जहां आवश्यकता होगी, वहां नए निर्माण भी कराए जाएंगे।

मैराथन बैठक में एक-एक योजना की हुई जांच, पोर्टल पर अपलोड जारी

रविवार सुबह से ही प्रखंड मुख्यालय के सभागार में अधिकारियों व कर्मियों की गहमागहमी रही:

  • अधिकारियों की मौजूदगी: बैठक में बीपीआरओ देश कुमार, आईटी असिस्टेंट संतोष कुमार सहित सभी 23 पंचायतों के कार्यपालक सहायक, पंचायत सचिव और तकनीकी सहायक मौजूद रहे।

  • बारीकी से जांच: बीडीओ की देखरेख में प्रत्येक योजना के चयन, प्राक्कलन, लागत और स्थल का सत्यापन किया गया। इसके बाद सभी 230 योजनाओं का सही डेटा विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने का काम तेज किया गया ताकि अविलंब वित्तीय स्वीकृति मिल सके।

सीधी निगरानी: DDC और BDO संभाल रहे कमान

योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू की गई है:

  • नोडल पदाधिकारी: जिला स्तर पर उप विकास आयुक्त (DDC) और प्रखंड स्तर पर बीडीओ स्वयं नोडल पदाधिकारी के रूप में निगरानी कर रहे हैं।

  • ऑनलाइन प्रगति रिपोर्ट: निर्माण कार्य शुरू होने के बाद हर चरण की तस्वीर और प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड की जाएगी, जिससे बिचौलियों और लेटलतीफी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

यह भी पढ़े: Merchant Discount Rate: ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर 0.4% MDR से मुरलीगंज के व्यापारियों में असमंजस, 15 अक्टूबर से प्रभावी होगी व्यवस्था

 

यह भी पढ़े: NIA जांच में विदेशी कनेक्शन की पड़ताल, अमन समेत आरोपियों के बैंक खातों की जांच तेज

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version