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Supaul: नेपाल में तटबंधों का जायजा लेने पहुंचे सुपौल DM, अभियंताओं की मुस्तैदी से टला खतरा

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वीरपुर (Supaul)। नेपाल स्थित कोसी नदी के पूर्वी एफ्लेक्स तटबंध पर मंडरा रहा गंभीर खतरा फिलहाल पूरी तरह टल गया है। कोसी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच, सुपौल के जिला पदाधिकारी (DM) सावन कुमार ने बुधवार को नेपाल क्षेत्र का दौरा किया।

उन्होंने जल संसाधन विभाग के आला अधिकारियों के साथ पूर्वी एफ्लेक्स तटबंध और विभिन्न संवेदनशील स्परों का सघन स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की।

Supaul News: दो लाख क्यूसेक तक पहुंचा था पानी, ‘फ्लड फाइटिंग’ कार्य सफल

पिछले दिनों नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर इस मानसून सीजन के अपने उच्चतम स्तर (लगभग दो लाख क्यूसेक) के करीब पहुंच गया था। पानी के इस भारी दबाव की वजह से नेपाल स्थित स्पर संख्या 21 पर आंशिक रूप से कटाव (क्षरण) शुरू हो गया था, जिससे सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ का भारी खतरा पैदा हो गया था।

खतरे को देखते हुए जल संसाधन विभाग की ‘फ्लड फाइटिंग’ (बाढ़ संघर्षात्मक) टीम और अभियंताओं ने दिन-रात एक करके युद्धस्तर पर सुरक्षा कार्य पूरा किया। डीएम सावन कुमार ने सुरक्षात्मक कार्यों को बेहद संतोषजनक पाया और आपदा से निपटने के लिए चौबीस घंटे मुस्तैद अभियंताओं की टीम की जमकर सराहना की।

Supaul News: निर्माण सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक, बराहक्षेत्र में मापा जलस्तर

डीएम ने बराहक्षेत्र का दौरा कर खुद जलस्तर की स्थिति को देखा और अतिसंवेदनशील स्परों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में संबंधित सभी स्थल पूरी तरह से सुरक्षित हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्परों पर आवश्यक सुरक्षा सामग्रियों जैसे—बांस, जियो बैग और बोल्डर का पर्याप्त भंडारण (स्टॉक) सुनिश्चित कर दिया गया है।

“पिछले दिनों बढ़े जलस्तर से स्पर संख्या 21 पर दबाव बना था, लेकिन हमारी तकनीकी टीम ने समय रहते इसे नियंत्रित कर लिया। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सीमावर्ती गांवों के लाखों लोग पूरी तरह भयमुक्त हैं।” – सावन कुमार, डीएम, सुपौल

Supaul News: समाचार प्रकाशन का दिखा बड़ा असर

गौरतलब है कि कोसी नदी के इस नेपाली एफ्लेक्स तटबंध पर उत्पन्न हुए संकट को लेकर स्थानीय मीडिया में 26 जून को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लिया, जिसके सकारात्मक परिणाम आज धरातल पर देखने को मिले हैं।

हर घंटे डिस्चार्ज रिपोर्ट भेजने का निर्देश

इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान विभाग का शीर्ष तकनीकी अमला और मुख्य अभियंता भी मौजूद रहे। निरीक्षण के अंत में डीएम सावन कुमार ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि नेपाल स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) से लगातार समन्वय बनाए रखा जाए। उन्होंने वायरलेस सेट के माध्यम से हर एक घंटे पर पानी के डिस्चार्ज की पल-पल की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजने की हिदायत दी है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

 

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