Bihar
Supaul News: छातापुर में पंचायत परिसीमन 2026 की कवायद तेज, GPS मैपिंग में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी, 528 EB का सत्यापन जारी
Supaul News: आगामी पंचायत परिसीमन 2026 को लेकर सुपौल के छातापुर प्रखंड में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परिसीमन का पूरा प्रारूप इन्यूमरेशन ब्लॉक (EB) के अक्षांशीय और देशांतरीय (GPS) मैपिंग के आधार पर तैयार किया जाना है। प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. राकेश गुप्ता ने गुरुवार को स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्पष्ट चेतावनी दी कि 9 बिंदुओं पर भौतिक सत्यापन और ऑनलाइन डेटा अपलोडिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्रुटि पाए जाने पर संबंधित कर्मियों की सीधी जवाबदेही तय कर कार्रवाई होगी।
62 राजस्व गांवों के 528 EB का सत्यापन, 488 का कार्य पूरा: Supaul News
चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर परिसीमन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने पर जोर दिया जा रहा है:
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अंतिम समय-सीमा: आयोग द्वारा इस कार्य को पूर्ण करने के लिए 10 सितंबर की अंतिम तिथि तय की गई है।
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सत्यापन की प्रगति: अंचल क्षेत्र के 62 राजस्व गांवों में कुल 528 ईबी चिन्हित हैं, जिनमें से अब तक 488 ईबी का 9 प्रमुख मानकों पर जीपीएस आधारित भौतिक सत्यापन पूरा कर लिया गया है। शेष बचे ईबी का कार्य भी समय से पूर्व पूरा करने का लक्ष्य है।
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अधिकारियों की तैनाती: कार्य की पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए पंचायतों में कार्यपालक सहायकों और नोडल कर्मियों के साथ-साथ सीओ, बीपीआरओ, एमओ, आरओ, बीसीओ और बीपीएम को निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
बीडीओ ने पंचायतों में लिया जायजा, त्रुटिपूर्ण नक्शों के लिए संयुक्त टीम: Supaul News
बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने डहरिया, उधमपुर, सोहटा, कटहरा, लालगंज और रामपुर सहित कई पंचायतों में पहुंचकर सत्यापन कार्यों का स्थलीय जायजा लिया:
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2026 के नक्शे का उपयोग: जिन क्षेत्रों के ईबी मैप ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं हैं, वहां 2026 के आधिकारिक नक्शों का उपयोग किया जा रहा है।
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पुनः सीमांकन की व्यवस्था: यदि किसी क्षेत्र का नक्शा त्रुटिपूर्ण या विवादित मिलता है, तो विभागीय दिशा-निर्देशानुसार बीडीओ, सीओ, राजस्व कर्मचारी और अंचल अमीन की संयुक्त टीम स्थल पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन करेगी और नए सिरे से सटीक सीमांकन करेगी।
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त्रुटिरहित रिकॉर्ड प्राथमिकता: प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि परिसीमन का अंतिम रिकॉर्ड पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और निष्पक्ष हो ताकि भविष्य में सीमाओं को लेकर कोई विवाद न रहे।