Bihar
Supaul News: सुपौल में मिशन परिवार विकास पखवाड़ा का आगाज, सारथी रथ करेगा ग्रामीणों को जागरूक, 4 दिवसीय रूट प्लान जारी
Supaul News: मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा और जनसंख्या स्थिरीकरण को गति देने के उद्देश्य से सुपौल जिले में ‘मिशन परिवार विकास पखवाड़ा’ की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और हाट-बाजारों तक आधुनिक परिवार नियोजन सेवाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए विशेष ‘सारथी रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
सिविल सर्जन ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना: Supaul News
जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय परिसर से सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा सहित अन्य वरीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से सारथी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता वाहन ऑडियो-विजुअल संदेशों, प्रचार गीतों और सूचना पम्फलेट्स के जरिए आम लोगों को परिवार नियोजन के स्थाई व अस्थाई उपायों के प्रति जागरूक करेगा।
‘जिम्मेदार मातृत्व से ही संभव है सुरक्षित भविष्य’: Supaul News
कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन डॉ. बाबू साहब झा ने सीमित और नियोजित परिवार के महत्व पर जोर दिया:
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मां और बच्चे की सुरक्षा: दो बच्चों के जन्म के बीच कम से कम तीन साल का सुरक्षित अंतर मां के स्वास्थ्य को बेहतर रखता है और शिशु मृत्यु दर में कमी लाता है।
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उज्ज्वल भविष्य और पोषण: छोटा परिवार होने पर माता-पिता बच्चों के खान-पान, बेहतर शिक्षा और संपूर्ण विकास पर सही ढंग से ध्यान दे पाते हैं।
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सुगम स्वास्थ्य सेवाएं: जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आधुनिक गर्भनिरोधक साधन (जैसे अंतरा, छाया, कॉपर-टी) और नसबंदी की सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं।
15 से 18 सितंबर: 4 दिवसीय सघन रूट चार्ट: Supaul News
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी प्रखंडों को कवर करने के लिए चार दिनों की सुनियोजित कार्ययोजना तैयार की है:
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15 सितंबर (पहला दिन): सुपौल सदर प्रखंड, पिपरा और किसनपुर के प्रमुख हाट-बाजार और घनी आबादी वाले इलाके।
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16 सितंबर (दूसरा दिन): त्रिवेणीगंज और जदिया क्षेत्र के ग्रामीण टोले व पंचायत भवन परिसर।
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17 सितंबर (तीसरा दिन): छातापुर और बसंतपुर (बीरपुर सीमावर्ती क्षेत्र) के सुदूर गांव।
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18 सितंबर (चौथा दिन): निर्मली, मरौना और सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के अंतर्गत आने वाले बाढ़ प्रभावित व दियारा इलाके।
वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की रही मौजूदगी: Supaul News
इस जागरूकता अभियान के शुभारंभ अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), जिला समुदाय उत्प्रेरक (DCM), जिला मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन पदाधिकारी (DM&EO), राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वयक (RBSK-CO) सहित जिला स्वास्थ्य समिति के तमाम नोडल पदाधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।