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Supaul News: सुपौल में 217 नए जवानों की पासिंग आउट परेड, DIG ने दी रील संस्कृति से दूर रहने की सख्त हिदायत

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Supaul News: बिहार पुलिस के बेड़े में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। सुपौल जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में आयोजित एक भव्य दीक्षांत परेड समारोह में 217 प्रशिक्षित जवान आधिकारिक तौर पर बिहार पुलिस बल का हिस्सा बन गए। कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस एसपी शरथ आरएस की गरिमामयी मौजूदगी में जवानों ने शानदार मार्च पास्ट किया और देश व राज्य की सेवा की शपथ ली। अधिकारियों ने परेड का बारीकी से निरीक्षण किया और नए प्रहरियों की कदमताल को सलामी दी।

“अब आप प्रशिक्षु नहीं, बिहार पुलिस का गौरव हैं”- डीआईजी: Supaul News

समारोह को संबोधित करते हुए डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने नए जवानों में नया जोश फूंका। उन्होंने कहा, “एक साल के कड़े प्रशिक्षण के बाद आज से आपके जीवन की नई दिशा और दशा शुरू हो रही है। आपके चेहरे का यह जोश कभी कम नहीं होना चाहिए। यह याद रखें कि जनता के बीच सरकार और प्रशासन का सबसे पहला और दिखने वाला चेहरा आप ही हैं।” उन्होंने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि फील्ड में आने के बाद भी सीखने की प्रक्रिया कभी बंद नहीं होनी चाहिए।

‘इंटरनेट मीडिया कल्चर’ और रील बनाने पर सख्त पाबंदी: Supaul News

आज के डिजिटल युग में पुलिसिंग की साख बनाए रखने के लिए डीआईजी ने जवानों को सोशल मीडिया के प्रति बेहद गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:

  • ऑन-ड्यूटी रील पर एक्शन: यदि कोई भी जवान ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया के लिए रील या वीडियो बनाते पकड़ा गया, तो उस पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

  • शीशे के घर में है पुलिस: डीआईजी ने कहा कि हम सभी शीशे के घरों में रहते हैं। जनता, मीडिया और वरिष्ठ अधिकारियों की नजरें हर वक्त आप पर हैं। यह सोचना गलत होगा कि खाकी पहनने के बाद आपकी गलतियां छिप जाएंगी।

अपराध मुक्त समाज और मानवीय मूल्यों पर जोर: Supaul News

नए जवानों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराते हुए अधिकारियों ने ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ (सामुदायिक पुलिसिंग) को मजबूत करने की बात कही।

  • इन मोर्चों पर होगी तैनाती: कानून-व्यवस्था बनाए रखना, दंगा नियंत्रण, धारा 144, चुनाव ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा और यातायात प्रबंधन।

  • असामाजिक तत्वों पर नजर: अपने क्षेत्र में गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाकर नशा तस्करी, शराब माफिया और संगठित अपराध पर लगाम कसना।

  • मानवीय व्यवहार: बिहार पुलिस में किसी भी प्रकार का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता के साथ संवाद और भरोसे का माहौल बनाना ही प्राथमिकता होनी चाहिए।

पौधा भेंट कर स्वागत और उत्कृष्ट जवानों का सम्मान

समारोह का माहौल उस समय और भावुक हो गया जब जवानों के परिजन भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। कार्यक्रम में आए मुख्य अतिथियों का स्वागत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंट कर किया गया। वहीं, प्रशिक्षण के दौरान और परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों तथा प्लाटून कमांडरों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर जिले के तमाम आला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

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