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Supaul News: सुपौल में राजस्व महाअभियान, 25 हजार से अधिक भूमि संबंधी मामलों का होगा त्वरित निपटारा

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Supaul News: बिहार के सुपौल जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां भूमि संबंधी समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है। सुपौल सदर अंचल में 11 जून से 17 जून तक विशेष राजस्व महाअभियान चलाया जा रहा है। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य अंचल में लंबे समय से लंबित पड़े 25 हजार से अधिक आवेदनों का रिकॉर्ड समय में निष्पादन करना है।

युद्धस्तर पर जारी है डिजिटल कार्य और सत्यापन: Supaul News

इस अभियान को सफल बनाने के लिए सदर अंचल प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अंचल कार्यालय परिसर के सभा भवन में भूमि अभिलेखों की स्कैनिंग, अपलोडिंग, डाटा एंट्री और कड़े सत्यापन का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। आम जनता की सहूलियत को देखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि अवकाश (छुट्टियों) के दिनों में भी कार्य निरंतर जारी रहेगा, ताकि समय सीमा के भीतर सभी लंबित फाइलों को क्लोज किया जा सके।

मानव संसाधन का बड़ा नियोजन: तैनात किए गए विशेष कर्मी: Supaul News

25 हजार से अधिक आवेदनों के विशाल लक्ष्य को पूरा करने के लिए अंचल प्रशासन ने एक मजबूत टीम मैदान में उतारी है। इस कार्यबल में शामिल हैं:

  • 10 राजस्व कर्मचारी

  • 12 सर्वे अमीन

  • 07 सीएसपी (Common Service Point) संचालक

  • विभागीय डाटा एंट्री ऑपरेटर्स

सभी कर्मियों के बीच कार्यों का स्पष्ट विभाजन किया गया है ताकि अव्यवस्था न हो और काम की गति बनी रहे।

इन प्रमुख कार्यों पर रहेगा विशेष ध्यान: Supaul News

इस 7 दिवसीय महाअभियान के अंतर्गत मुख्य रूप से निम्नलिखित राजस्व संबंधी सेवाओं को सुव्यवस्थित किया जा रहा है:

  1. ऑनलाइन म्यूटेशन (दाखिल-खारिज): लंबित म्यूटेशन के मामलों को तेजी से निपटाना।

  2. भूमि परिमार्जन: रैयतों की जमीन के विवरण में सुधार।

  3. डिजिटलीकरण: पुराने भूमि अभिलेखों की स्कैनिंग और सरकारी पोर्टल पर अपलोडिंग।

  4. अभिलेख सुधार: त्रुटिपूर्ण डाटा को ठीक करना।

विशेष नोट: वर्ष 2025 में प्राप्त हुए लंबित आवेदनों के निपटारे के लिए जून 2026 में चलाया जा रहा यह अभियान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

कड़ाई से हो रही है निगरानी और दैनिक समीक्षा

सदर अंचलाधिकारी (CO) आनंद कुमार मंडल ने बताया कि सभी कर्मी पूरी निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में निर्देश दिया है कि काम की गति बढ़ाने के चक्कर में गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अभियान की पारदर्शिता और गति बनाए रखने के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है:

  • मुख्य जिम्मेदार व्यक्ति: प्रधान लिपिक आनंद, अंचल नाजिर मो. रहमान, और कर्मी सोनू कुमार।

  • कार्य: यह टीम प्रतिदिन हो रहे स्कैनिंग और डाटा एंट्री के कार्यों की समीक्षा करती है और इसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजती है।

अब देखना यह होगा कि इस महाअभियान के समापन तक प्रशासन 25 हजार के आंकड़े में से कितने आवेदनों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर पाता है। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से स्थानीय भू-स्वामियों में राहत की उम्मीद जगी है।

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