Bihar
Supaul News: ‘पीएम श्री’ स्कूलों में शिक्षकों का टोटा, मॉडल शिक्षा का दावा केवल कागजों तक सीमित
Supaul News: जिले के सरकारी स्कूलों को ‘पीएम श्री’ (PM SHRI) का दर्जा मिलने के बाद बच्चों और अभिभावकों में बेहतर और आधुनिक शिक्षा की उम्मीद जगी थी। लेकिन योजना के चार साल बीत जाने के बाद भी जमीनी हकीकत बेहद बदहाल है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इन स्कूलों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आधुनिक और आदर्श (मॉडल) स्कूल के रूप में विकसित करना था, लेकिन यह महत्वाकांक्षी योजना फिलहाल फाइलों में ही सिमट कर रह गई है। हालत यह है कि आधुनिक शिक्षा तो दूर, बच्चों के लिए मुख्य कोर्स की पढ़ाई पूरी करना भी मुहाल हो गया है। कई स्कूलों में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक ही नहीं हैं, जिसके कारण उच्च शिक्षा महज एडमिशन और परीक्षा तक ही सीमित होकर रह गई है। छात्र केवल 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता के नियम को पूरा करने के लिए स्कूल पहुंच रहे हैं।
इंटर में तीनों संकाय, पर पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं: Supaul News
जिले के चकला निर्मली स्कूल को पीएम श्री का दर्जा प्राप्त है, जहां कक्षा 6 से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। विभाग के नियमों के अनुसार यहाँ इंटरमीडिएट के तीनों संकाय (कला, विज्ञान और वाणिज्य) में 120-120 सीटें आवंटित हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन छात्रों को पढ़ाने के लिए एक भी मुख्य विषय का शिक्षक उपलब्ध नहीं है। हद तो तब हो जाती है जब कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए भी गणित और विज्ञान जैसे अनिवार्य विषयों के शिक्षक गायब हैं, जबकि विभाग ने यहाँ संगीत विषय के तीन-तीन शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया है। स्कूल के प्रधानाध्यापक (HM) जनार्दन मंडल ने बताया कि शिक्षकों की इस गंभीर कमी से विभाग को लिखित में अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है।
900 से अधिक छात्र, लेकिन आधे से ज्यादा पद खाली: Supaul News
सदर प्रखंड के सुखपुर हाई स्कूल की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। यहाँ 900 से अधिक छात्र नामांकित हैं। कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए महज तीन शिक्षक तैनात हैं। वहीं, इंटरमीडिएट स्तर पर:
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आर्ट्स और कॉमर्स: इन दोनों संकायों के लिए एक भी शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं है।
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विज्ञान संकाय: यहाँ केवल गणित और भौतिकी (फिजिक्स) के शिक्षक हैं, जबकि रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) और अन्य विषयों के पद पूरी तरह खाली हैं।
स्कूल के प्रधानाध्यापक विश्व विजय कुमार ने जानकारी दी कि यहाँ कॉमर्स की 40 और आर्ट्स व विज्ञान की 153-153 सीटें आवंटित हैं। सीटों की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की घोर कमी है, जिससे बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
योजना का उद्देश्य और जमीनी हकीकत का अंतर: Supaul News
जिले के सभी 11 प्रखंडों और 6 प्रखंड मुख्यालय बाजारों में एक-एक स्कूल को पीएम श्री स्कूल के रूप में चयनित किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के बच्चों को स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब और बेहतरीन बुनियादी ढांचा प्रदान करना था। परंतु, जब बुनियादी आवश्यकताओं यानी शिक्षकों की ही कमी पूरी नहीं हो पा रही है, तो डिजिटल और आधुनिक शिक्षा का सपना अधूरा ही नजर आता है।