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सहरसा नगर निगम में SVU का छापा: Rishu Shree प्रकरण में 92 लाख के भुगतान की फाइलें जब्त, मंचा हड़कंप

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सहरसा | Rishu Shree Scam: बिहार के चर्चित रिशु श्री टेंडर घोटाले की आंच अब अन्य जिलों तक भी पहुँचने लगी है। मंगलवार को सहरसा नगर निगम कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब विशेष सतर्कता इकाई (SVU) की एक उच्च स्तरीय जांच टीम अचानक दस्तावेजों को खंगालने पहुँच गई। टीम की इस औचक कार्रवाई से निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

Rishu Shree Scam: छठ घाट निर्माण और ₹92 लाख के भुगतान पर टिकी जांच

जानकारी के अनुसार, SVU की टीम ने मुख्य रूप से नगर निगम द्वारा कराए गए छठ घाट निर्माण कार्य और उससे जुड़े करीब 92 लाख रुपये के भुगतान से संबंधित फाइलों को अपने कब्जे में लेकर गहन निरीक्षण किया।

जांच का दायरा दो नगर आयुक्तों के कार्यकाल तक फैला हुआ है:

  1. पूर्व नगर आयुक्त मुमुक्षु चौधरी: इनके कार्यकाल के दौरान तैयार किए गए मूल अभिलेखों और टेंडर प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है।

  2. वर्तमान नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा: इनके कार्यकाल के दौरान संबंधित संचिकाओं (फाइलों) पर हुए अंतिम भुगतान की प्रक्रिया और नियमों की वैधता को खंगाला जा रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश और RTI एक्टिविस्ट का दावा

हालांकि, जांच टीम की ओर से इस छापेमारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन पटना उच्च न्यायालय में दायर सीडब्ल्यूजेसी संख्या 2113/2026 के याचिकाकर्ता और आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट चंदन कुमार सिंह ने मामले की पुष्टि की है।

सिंह ने बताया कि जांच टीम ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण और गोपनीय दस्तावेजों का बारीकी से अवलोकन किया है। साथ ही, टीम ने सहरसा नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सभी आवश्यक फाइलों और साक्ष्यों के साथ जल्द ही जांच कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों।

नगर आयुक्त ने साधी चुप्पी

इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद जब वर्तमान नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। उन्होंने केवल “बैठक में व्यस्त हूँ” कहकर फोन काट दिया, जिससे निगम के भीतर चल रही कशमकश और साफ नजर आ रही है।

रिशु श्री टेंडर घोटाले में ED और SVU द्वारा ठेकेदारों की 15 कंपनियों पर शिकंजा कसने के बाद, सहरसा नगर निगम में हुई यह कार्रवाई संकेत देती है कि बुडको (BUIDCO) के अलावा स्थानीय निकायों में भी नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किए गए थे। आने वाले दिनों में सहरसा के कई तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों पर गाज गिरना लगभग तय माना जा रहा है।

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