Bihar
बिहार में बाढ़ पर Tejashwi Yadav ने PM मोदी को लिखा पत्र: राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, ₹5000 करोड़ पैकेज और सेना की तैनाती की मांग
पटना। बिहार में बाढ़ की गंभीर होती स्थिति के बीच नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
बिहार में बाढ़ आपदा को लेकर माननीय प्रधानमंत्री को पत्र लिख आग्रह किया है कि वो अविलंब बिहार का दौरा कर विनाशकारी बाढ़ को “राष्ट्रीय आपदा” घोषित करे तथा बिहार की मदद के लिए तत्काल 𝟓 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता राशि के अलावा राज्य को हरसंभव मानवीय एवं अन्य जरुरी सहायता उपलब्ध… pic.twitter.com/k84Vza9LnC
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 7, 2026
पत्र में उन्होंने राज्य के 20 जिलों में आई बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने, ₹5000 करोड़ का विशेष राहत पैकेज जारी करने तथा बचाव कार्यों के लिए सेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों को तैनात करने की मांग की है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की वर्तमान तैयारियां नाकाफी हैं, जिससे लाखों लोग भोजन, दवा और सुरक्षित आश्रय के लिए संकट में हैं।
Tejashwi Yadav News: ₹5000 करोड़ का पैकेज, सेना की मदद और किसानों को मुआवजा
नेता प्रतिपक्ष ने प्रभावित आबादी को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए केंद्र के समक्ष कई प्रमुख मांगें रखीं:
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वित्तीय सहायता: राज्य में आधारभूत संरचना की क्षति और जान-माल के नुकसान की भरपाई के लिए ₹5000 करोड़ का आपातकालीन फंड और विशेष पैकेज उपलब्ध कराया जाए।
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सेना व एयरफोर्स की तैनाती: सड़क संपर्क से कट चुके दुर्गम जलमग्न इलाकों में राहत सामग्री गिराने और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना, एनडीआरएफ के साथ वायुसेना के हेलीकॉप्टर लगाए जाएं।
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किसानों-मजदूरों को राहत: बाढ़ से तबाह हुए किसानों, खेत मजदूरों और पशुपालकों के लिए अलग से वित्तीय मुआवजा और पर्याप्त पशुचारे की व्यवस्था की जाए।
आकस्मिक निधि के उपयोग पर सवाल, CAG जांच की मांग
Tejashwi Yadav ने राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन और आपदा प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए:
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वित्तीय संसाधनों की समीक्षा: उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा प्रबंधन और आकस्मिक निधि (Contingency Fund) की राशि का उपयोग अन्य नियमित प्रशासनिक खर्चों में किए जाने से राहत कार्यों के लिए धन की कमी हो रही है।
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सीएजी (CAG) से जांच: उन्होंने केंद्र से बिहार की वित्तीय स्थिति और आकस्मिक निधि के लेन-देन की निष्पक्ष सीएजी जांच कराने का आग्रह किया।
बाढ़ का स्थायी समाधान: ‘फ्लड रेजिलिएंस मिशन’ का प्रस्ताव
राज्य के 76 प्रतिशत से अधिक भूभाग के बाढ़ प्रवण होने का हवाला देते हुए उन्होंने दीर्घकालिक नीति बनाने पर जोर दिया:
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फ्लड रेजिलिएंस मिशन: नदी-तटबंधों के सुदृढ़ीकरण, जल निकासी, पुराने जलाशयों के पुनरुद्धार और आधुनिक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम के लिए एक केंद्रीय मिशन शुरू हो।
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अंतरराष्ट्रीय जल प्रबंधन: नेपाल और अन्य पड़ोसी देशों से आने वाले पानी के प्रभावी प्रबंधन के लिए केंद्र स्तर पर ठोस और पारदर्शी समझौते किए जाएं।
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पीएम से बिहार दौरे की अपील: तेजस्वी ने प्रधानमंत्री से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय आधार पर बिहार का दौरा करने और पीड़ितों को सीधे संबल देने का आग्रह किया।