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हथकड़ी में ‘स्वैग’ दिखाता आरोपी,वायरल रील के बाद 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

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हथकड़ी में ‘स्वैग’ दिखाता आरोपी, पुलिस के साथ रेस्टोरेंट में लंच… वायरल रील के बाद 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड

मधेपुरा: हथकड़ी हाथ में, चेहरे पर मुस्कान और बैकग्राउंड में बजता फिल्मी गाना…। यह कोई फिल्म का सीन नहीं, बल्कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तार अभियुक्त की हकीकत है। गिरफ्तारी से लेकर कोर्ट पेशी तक का वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर रील डालने वाले आरोपी की ‘दबंग’ स्टाइल ने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामला शंकरपुर थाना कांड संख्या 240/25 से जुड़ा है। नामजद अभियुक्त अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव को पुलिस ने मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया था। लेकिन गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया।

हथकड़ी में रील, निजी वाहन से सफर

वायरल वीडियो में आरोपी हथकड़ी पहने नजर आता है, लेकिन पुलिस वाहन की जगह निजी गाड़ी में बैठा दिखता है। रास्ते में एक रेस्टोरेंट में पुलिसकर्मियों के साथ खाना खाते हुए भी वह कैमरे में कैद हुआ।

इतना ही नहीं, आरोपी खुद हाथ में हथकड़ी लेकर वीडियो बनवाता दिख रहा है। कई गानों के साथ बनाई गई रील में वह खुद को ‘दबंग’ अंदाज में पेश करता नजर आ रहा है।

पहले भी रहा है आपराधिक इतिहास

जानकारी के अनुसार, अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव पर शंकरपुर थाना समेत सुपौल जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

वर्ष 2020 के चर्चित मधेली शिक्षक राम बाबू हत्याकांड में भी वह नामजद अभियुक्त रह चुका है। हत्या, लूट और अन्य गंभीर मामलों में उसका नाम पहले भी सामने आता रहा है।

पुलिस पर उठे सवाल, तीन कर्मी निलंबित

रील वायरल होने के बाद मामला पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह तक पहुंचा। जांच का जिम्मा सदर एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती को सौंपा गया।

जांच में वीडियो में दिख रहे तीन पुलिसकर्मियों की पहचान हुई —

  • सअनि रामउदय कुमार

  • चौकीदार अनील कुमार

  • मो. रसूल

जांच में सामने आया कि 28 फरवरी को गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को न्यायालय में पेशी के लिए ले जाते समय पुलिसकर्मी उसके निजी वाहन से मधेपुरा पहुंचे और रास्ते में होटल में उसके साथ बैठकर भोजन किया।

पुलिस अधीक्षक ने इसे पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला अमर्यादित कृत्य बताते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

कानून या ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’?

इस घटना के बाद जिले में चर्चा तेज है कि क्या अपराधियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है?

हथकड़ी में ‘स्वैग’ दिखाती यह रील अब कानून-व्यवस्था पर बहस का कारण बन चुकी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद यह साफ संदेश देने की कोशिश की गई है कि अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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