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Bihar News: अररिया सदर अस्पताल का होगा कायाकल्प, मरीजों को मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं, रोगी कल्याण समिति ने दी कई योजनाओं को हरी झंडी

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Bihar News: सीमांचल के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों में शुमार अररिया सदर अस्पताल की व्यवस्था अब और अधिक आधुनिक तथा मरीज-अनुकूल बनने जा रही है। अस्पताल परिसर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और उपचार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से रोगी कल्याण समिति की बैठक में कई बड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है। इस पहल से जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले हजारों मरीजों और उनके तीमारदारों को सीधी राहत मिलेगी।

अस्पताल भवनों का होगा जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण: Bihar News

स्वीकृत योजनाओं के तहत अस्पताल के संरचनात्मक ढांचे में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे:
  • मॉडल अस्पताल भवन की मरम्मत: मुख्य मॉडल भवन में आवश्यक लघु मरम्मत कार्य तुरंत शुरू किए जाएंगे ताकि दैनिक स्वास्थ्य सेवाओं में कोई बाधा न आए।
  • रंग-रोगन और स्वच्छता: पुराने अस्पताल भवन का नए सिरे से पेंटिंग कार्य कराया जाएगा, जिससे पूरे परिसर का वातावरण स्वच्छ और सकारात्मक नजर आए।
  • परिसर का कायाकल्प: मरीजों के परिजनों के बैठने की जगह और सामान्य आवागमन पथ को सुव्यवस्थित किया जाएगा।

वेंटिलेशन और संचार प्रणाली में तकनीकी सुधार: Bihar News

अस्पताल के भीतर स्वच्छता, शुद्ध हवा और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए विशेष तकनीकी उपकरण लगाए जाएंगे:
  • एसएनसीयू में पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम: स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में तुरंत पीए सिस्टम स्थापित किया जाएगा, जिससे नवजात शिशुओं की देखरेख में तैनात मेडिकल स्टाफ और परिजनों के बीच संवाद सुगम हो सके।
  • ओपीडी और इमरजेंसी में एग्जॉस्ट फैन: बाह्य रोगी विभाग (OPD) और आपातकालीन वार्ड में उमस तथा संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए बड़े क्षमता वाले एग्जॉस्ट फैन लगाए जाएंगे।
  • आंतरिक एयर सर्कुलेशन: वार्डों के भीतर ताजी हवा के निरंतर प्रवाह के लिए वेंटिलेशन प्वाइंट्स को दुरुस्त किया जाएगा।

‘मरीजों की सुविधाओं में न हो कोई कोताही’, जिलाधिकारी का कड़ा संदेश: Bihar News

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने स्वास्थ्य अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को गुणवत्ता से समझौता न करने के कड़े निर्देश दिए।
  • अस्पताल में आने वाले हर मरीज को समय पर नि:शुल्क दवाएं, जांच और मानवीय व्यवहार मिलना चाहिए।
  • स्वीकृत सभी विकास कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए।
  • इमरजेंसी सेवाओं और प्रसव कक्ष की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में परिजनों को परेशान न होना पड़े।

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