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Lawrence Bishnoi Gang: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का अवैध हथियार सिंडिकेट बेनकाब, बिहार और यूपी में फैला नेटवर्क
Lawrence Bishnoi Gang: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े एक अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के तार बिहार और पूर्वांचल के कई जिलों से गहराई से जुड़े हैं। एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए पांच सक्रिय तस्करों को दबोचा है, जबकि नेटवर्क का मुख्य संचालक अभी भी फरार है।
गोरखपुर से 5 तस्कर गिरफ्तार, असलहे बरामद: Lawrence Bishnoi Gang
एसटीएफ की टीम ने गोरखपुर के विंध्यवासिनी पार्क के पास घेराबंदी कर पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में बिहार के गोपालगंज जिले का श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, देवरिया का अजीत यादव, और गोरखपुर के अभिषेक गौड़, राहुल गुप्ता तथा अभिषेक प्रजापति शामिल हैं।
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बरामद सामग्री: 4 आधुनिक पिस्टल, 1 रिवाल्वर, 4 मैगजीन, 5 जिंदा कारतूस, एक बाइक और एक स्कूटी।
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कार्रवाई: सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।
मध्य प्रदेश व हरियाणा से खरीद, बिहार में सप्लाई: Lawrence Bishnoi Gang
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से अवैध हथियार जुटाता था।
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तस्कर ₹30,000 से ₹40,000 की लागत में पिस्टल खरीदते थे।
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इन्हीं हथियारों को बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के स्थानीय अपराधियों को ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक में बेचा जाता था।
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आरोपियों ने पिछले तीन सालों के दौरान 100 से 150 आधुनिक पिस्टल खपाने की बात स्वीकार की है।
पश्चिम चंपारण का शशांक पांडेय है मुख्य सूत्रधार: Lawrence Bishnoi Gang
इस पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बिहार के पश्चिम चंपारण (मैनाटाड़, चुठहा गांव) का निवासी शशांक पांडेय है।
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वर्ष 2021 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने के बाद शशांक हरियाणा और आसपास के राज्यों में लूट, हत्या और असलहा तस्करी में सक्रिय हो गया।
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वारदात के बाद वह गोरखपुर और बिहार के गुप्त ठिकानों पर पनाह लेता था।
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शशांक पहले भी अंबाला पुलिस द्वारा पकड़ा जा चुका है और सितंबर 2023 में एनआईए (NIA) की छापेमारी के दौरान भी वह जांच एजेंसियों के निशाने पर था।
जांच के दायरे में खरीदार और बैंक खाते
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स, डिजिटल चैट्स और बैंक खातों की पड़ताल कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बिहार और पूर्वांचल में किन-किन अपराधियों और असामाजिक तत्वों ने इनसे हथियार खरीदे थे।