Bihar
Madhepura News: सिंहेश्वरनाथ मंदिर में अंतिम सोमवारी पर उमड़ी भारी भीड़, धक्का-मुक्की से अफरा-तफरी, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
Madhepura News: सावन मास की अंतिम सोमवारी के अवसर पर सुप्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। जलाभिषेक के दौरान कतार में लगे श्रद्धालुओं के बीच अचानक अत्यधिक दबाव और धक्का-मुक्की होने से परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, मौके पर तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित कर लिया और जलाभिषेक का क्रम सुचारू कराया।
इस दौरान मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दर्शन-पूजन व्यवस्था तथा सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। साथ ही प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अत्यधिक भीड़ से बढ़ी परेशानी: Madhepura News
अंतिम सोमवारी को लेकर अहले सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में कांवरिए और श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचने लगे थे:
-
कतार में दबाव: जैसे-जैसे दिन चढ़ा, मंदिर प्रांगण में प्रवेश के लिए कतारें लंबी होती गईं। इसी दौरान कतार में अचानक धक्का-मुक्की शुरू हुई, जिससे कुछ समय के लिए लोग असहज हो गए और मामूली चोटें आईं।
-
त्वरित उपचार: तैनात सुरक्षाबलों और स्वास्थ्य टीम ने प्रभावित श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।
अफवाहों पर लगाम, डीएम व एसपी ने दी सफाई: Madhepura News
घटना के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भगदड़ की अफवाहों को जिला प्रशासन ने पूरी तरह खारिज किया:
-
डीएम अभिषेक रंजन का बयान: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में किसी भी तरह की भगदड़ नहीं हुई है। अत्यधिक भीड़ के कारण कतार में दबाव जरूर बढ़ा था, जिसे प्रशासन ने तत्काल व्यवस्थित कर लिया।
-
एसपी डॉ. संदीप सिंह की अपील: पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मंदिर में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर पर ध्यान न देने और कतारबद्ध होकर शांतिपूर्ण तरीके से पूजा-अर्चना करने की अपील की।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी सख्त: Madhepura News
घटना के बाद मंदिर परिसर, मुख्य द्वारों और परिक्रमा पथ पर निगरानी बढ़ा दी गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से भीड़ प्रबंधन पर नजर रखी जा रही है ताकि शेष अवधि में श्रद्धालु निर्बाध और सुरक्षित रूप से जलाभिषेक कर सकें।