Bihar
Madhepura: समाहरणालय घेराव को निकले छात्रों पर पुलिस का एक्शन, करीब डेढ़ दर्जन प्रदर्शनकारी हिरासत में
Madhepura। बिहार बंद के आह्वान के तहत शनिवार को मधेपुरा में विभिन्न छात्र संगठनों ने सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, नीट (NEET) पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र समाहरणालय का घेराव करने जा रहे थे।
हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कॉलेज चौक पर ही बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक लिया और लगभग डेढ़ दर्जन छात्र नेताओं को डिटेन कर सदर थाने ले गई।
Madhepura Police: टीपी कॉलेज से शुरू हुआ था जुलूस
शनिवार की सुबह विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं टीपी कॉलेज के पास जमा हुए। यहां से उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। छात्रों की योजना समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने की थी।
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Madhepura Police: कॉलेज चौक पर बैरिकेडिंग, बढ़ा तनाव
जुलूस जैसे ही कॉलेज चौक पहुंचा, वहां पहले से मौजूद भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कुछ छात्रों ने बैरिकेड्स हटाने की कोशिश की, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक खींचतान और तनाव की स्थिति बनी रही। इसके बाद पुलिस ने अतिरिक्त बल की मदद से स्थिति को संभाला और करीब 18-20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
Madhepura: समाहरणालय घेराव को निकले छात्रों पर पुलिस का एक्शन, करीब डेढ़ दर्जन प्रदर्शनकारी हिरासत में
Madhepura Police: अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, कड़ी की गई सुरक्षा
घटनास्थल पर स्थिति को अनियंत्रित होने से रोकने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संतोष कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) प्रवेंद्र भारती खुद मौके पर मौजूद रहकर निगरानी करते रहे। उनके साथ सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद सिंह और बेलारी थानाध्यक्ष स्नेहा कुमारी समेत कई थानों की पुलिस तैनात रही।
छात्रों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि नीट पेपर लीक जैसी बार-बार होने वाली धांधलियों ने लाखों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। छात्रों ने मांग की कि:
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पूरे परीक्षा घोटाले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दें।
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प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
पुलिस की तत्परता के कारण छात्र समाहरणालय परिसर तक नहीं पहुंच सके और एक बड़ा बवाल होने से टल गया। फिलहाल एहतियात के तौर पर शहर के प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
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