Bihar
PM Awas Yojana Gramin: सुपौल के छातापुर में 30 परिवारों को मिला पक्का घर, 6 लाभुकों को गृहप्रवेश की चाबी सौंपी गई
PM Awas Yojana Gramin: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत सुपौल जिले के छातापुर प्रखंड में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अपने पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है। प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर के एलएन सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 30 नए लाभुकों को योजना की स्वीकृति दी गई, जबकि निर्माण कार्य पूरा कर चुके 6 लाभार्थियों को उनके नए घर की प्रतीकात्मक चाबी देकर गृहप्रवेश कराया गया।
योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता और किस्तों का विवरण: PM Awas Yojana Gramin
योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए कुल ₹1.20 लाख की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। निर्माण की प्रगति के आधार पर राशि का भुगतान तीन चरणों में किया जाता है:
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पहली किस्त: स्वीकृति मिलते ही ₹40,000 की राशि नींव की तैयारी के लिए।
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दूसरी किस्त: मकान का निर्माण प्लिंथ लेवल (कुर्सी स्तर) तक पहुंचने पर।
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तीसरी किस्त: छत ढलाई का स्तर पूरा होने पर अंतिम राशि।
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अतिरिक्त लाभ: शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 की प्रोत्साहन राशि तथा मनरेगा योजना के तहत अकुशल मजदूरी का भुगतान।
छातापुर प्रखंड में आवास निर्माण की स्थिति: PM Awas Yojana Gramin
वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान प्रखंड में आवास योजना की प्रगति इस प्रकार है:
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कुल स्वीकृत आवास: 5,684
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पहली किस्त प्राप्त लाभार्थी: 5,662
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दूसरी किस्त प्राप्त लाभार्थी: 5,187
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तीसरी किस्त प्राप्त लाभार्थी: 4,638
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पूर्ण हो चुके आवास: 4,185 (स्वीकृत आवासों का लगभग 74.80%)
गृहप्रवेश करने वाले प्रमुख लाभार्थी: PM Awas Yojana Gramin
प्रखंड प्रशासन द्वारा मकान पूर्ण करने पर प्रतीकात्मक चाबी प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में रविना (पति शाहिद), नाजरा खातून (पति मुशा), संबरिना (पति असमत), शांति देवी, अनुराधा देवी (पति कृत्यानंद मंडल) और ललिता देवी (पति शंभू राय) शामिल हैं।
सितंबर तक शत-प्रतिशत निर्माण का लक्ष्य
कार्यक्रम का संचालन बीडीओ डॉ. राकेश गुप्ता ने किया। इस दौरान प्रखंड प्रमुख आशिया देवी, सीओ रविराज कुमार और उपप्रमुख संजय यादव उपस्थित रहे। प्रशासन ने आवास सहायकों को निर्देश दिया है कि वे शेष बचे आवासों की नियमित निगरानी करें, ताकि सितंबर तक शत-प्रतिशत आवासों का निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।