Bihar
Supaul में बिजली योजनाओं की समीक्षा: सांसद ने दिए समय पर काम पूरा करने के निर्देश, उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध आपूर्ति
Supaul: जिले की बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिला स्तरीय विद्युत समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता स्थानीय सांसद दिलेश्वर कामैत ने की।
सुपौल में जिला स्तरीय विद्युत समिति की बैठक आयोजित
माननीय सांसद श्री दिलेश्वर कामैत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में त्रिवेणीगंज विधायक श्रीमती सोनम रानी सरदार, जिलाधिकारी सह संयोजक जिला विद्युत समिति श्री सावन कुमार, विद्युत अधीक्षण अभियंता सह सदस्य-सचिव श्री संतोष कुमार, वरीय… pic.twitter.com/CFwwnsB20s
— Bihar State Power Holding Company Limited (@BiharEnergy) July 7, 2026
बैठक के दौरान जिले में चल रही विभिन्न विद्युत परियोजनाओं, निर्बाध बिजली आपूर्ति की स्थिति, नए सबस्टेशनों के निर्माण, आरडीएसएस (RDSS) योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सख्त लहजे में हिदायत दी कि वे सभी सरकारी योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें, ताकि उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सेवा मिल सके।
Supaul : आरडीएसएस और सौर ऊर्जा योजनाओं पर रहा विशेष फोकस
बैठक में आरडीएसएस योजना के तहत बिछाई जा रही नई बिजली लाइनों और नए विद्युत शक्ति उपकेंद्रों (सबस्टेशनों) की स्थापना के कार्यों का जायजा लिया गया। सांसद ने कहा कि जिले में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए समय पर बिजली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही बैठक में निम्नलिखित प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई:
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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: इसके तहत सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा हुई।
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कुटीर ज्योति योजना: गरीब उपभोक्ताओं के लिए शुरू की गई निःशुल्क सोलर योजना की प्रगति जांची गई।
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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान: जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे विद्युत विकास कार्यों का मूल्यांकन किया गया।
Supaul: लापरवाही बर्दाश्त नहीं, विभागों में आपसी समन्वय की जरूरत
सांसद दिलेश्वर कामैत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित रूप से निगरानी की जाए और विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम को गति दी जाए। यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में कोई प्रशासनिक या तकनीकी बाधा आ रही है, तो उसकी तुरंत पहचान कर उसका जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
उपभोक्ताओं की शिकायतों का हो त्वरित निवारण
बैठक में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता, मेंटेनेंस के काम और उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी चर्चा हुई। सांसद ने जोर देकर कहा कि बिजली आज के दौर में केवल एक बुनियादी जरूरत नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और स्थानीय उद्योगों के विकास का मुख्य आधार है। इसलिए आम जनता को सुरक्षित और विश्वसनीय बिजली पहुंचाना बिजली विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय बैठक में कई महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जिनमें शामिल हैं:
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जनप्रतिनिधि: त्रिवेणीगंज विधायक सोनम रानी सरदार।
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प्रशासनिक अधिकारी: जिलाधिकारी (डीएम) सह जिला विद्युत समिति के संयोजक सावन कुमार और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सारा असरफ।
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बिजली विभाग के अधिकारी: विद्युत अधीक्षण अभियंता सह सदस्य सचिव संतोष कुमार, वरीय प्रबंधक (राजस्व) दीपक कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता धनंजय कुमार सिंह सहित सभी सहायक व कनीय विद्युत अभियंता और कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि।
सांसद ने अंत में सभी को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से काम करने का निर्देश दिया ताकि जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था को नया बल मिल सके।
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