Bihar
Rishu Shree की कंपनी को करोड़ों के खेल में ‘मातृस्वा इंफ्राटेक’ का नाम आया सामने, पटना तलब
सहरसा | बिहार के बहुचर्चित Rishu Shree टेंडर घोटाले की परतें जैसे-जैसे खुल रही हैं, सहरसा नगर निगम में हड़कंप बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को विशेष सतर्कता इकाई (SVU/निगरानी) की दो सदस्यीय टीम ने सहरसा नगर निगम कार्यालय में करीब ढाई घंटे तक फाइलों को खंगाला।
जांच टीम कई महत्वपूर्ण फाइलों की स्कैन कॉपी अपने साथ ले गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त को मूल दस्तावेजों के साथ पटना तलब किया गया है।
Rishu Shree Tender Scam: 9 फाइलों पर टिकी जांच, ‘मातृस्वा इंफ्राटेक’ रडार पर
सहरसा नगर निगम के उप महापौर उमर हयात गुड्डू ने पुष्टि की है कि निगरानी की टीम ने कुल 9 फाइलों की विस्तृत जानकारी मांगी है।
जांच के केंद्र में मुख्य रूप से रिशु श्री की कंपनी ‘मातृस्वा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड’ है, जिसे सहरसा नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये के भुगतान किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि, शुरुआत में ₹92 से ₹98 लाख के जिस छठ घाट निर्माण भुगतान की चर्चा थी, उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अन्य नागरिक सुविधाओं के नाम पर भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई है।
Rishu Shree Tender Scam: बिना जांच-पड़ताल आधे-अधूरे काम का करोड़ों का भुगतान
जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि तत्कालीन नगर आयुक्त मुमुक्षु चौधरी के कार्यकाल में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं:
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FIR के बाद भी मेहरबानी: ‘मातृस्वा इंफ्राटेक’ पर 5 अप्रैल, 2025 को सरकारी राशि गबन के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बावजूद, सहरसा नगर निगम ने अगस्त 2025 में इस दागी कंपनी को करोड़ों रुपये का भुगतान जारी कर दिया।
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आधे-अधूरे काम: नवंबर 2024 (छठ महापर्व) के दौरान किए गए कई आधे-अधूरे कार्यों का भुगतान बिना किसी भौतिक सत्यापन या जांच-पड़ताल के कर दिया गया था।
इन सामानों की खरीद के नाम पर हुआ करोड़ों का खेल
रिशु श्री से जुड़ी कंपनियों को सहरसा नगर निगम द्वारा करीब ₹15 करोड़ का भुगतान किए जाने का अनुमान है। यह भुगतान निम्नलिखित सामग्रियों की आपूर्ति और प्रबंधन के नाम पर किया गया:
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मोबाइल कंटेनर, त्रिपहिया रिक्शा, आउटडोर डबल कचरा डस्टबीन।
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हाई मास्ट लाइटिंग टावर, सजावटी लाइटिंग पोल, एलईडी डिस्प्ले सिस्टम।
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एकीकृत सुरक्षा निगरानी, कचरा संग्रहण एवं निपटान प्रबंधन।
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बस स्टॉप शेल्टर, राष्ट्रीय ध्वज के लिए हाई मास्ट पोल, ओवरहेड साइनबोर्ड।
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फॉगिंग मशीन, जल निकासी पंप और पेयजल एटीएम।
तत्कालीन नगर आयुक्त मुमुक्षु चौधरी पर ED की नजर
इस पूरे घोटाले के मुख्य सूत्रधार माने जा रहे बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और तत्कालीन नगर आयुक्त मुमुक्षु चौधरी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
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₹2 करोड़ कैश बरामद: 27 मार्च, 2025 को ईडी (ED) ने मुमुक्षु चौधरी के आवास पर छापेमारी की थी, जहाँ से ₹2 करोड़ नगद बरामद हुए थे।
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कमीशन का सिंडिकेट: आरोप है कि सहरसा और सीतामढ़ी में नगर आयुक्त पद पर रहते हुए चौधरी ने रिशु श्री की कंपनियों से मोटा कमीशन लेकर नियमों को ताक पर रखकर सरकारी ठेके बांटे थे।
जांच के दायरे में आईं 15 कूपनियां
सहरसा नगर निगम के भुगतान और एग्रीमेंट के आधार पर रिशु श्री से जुड़ी निम्नलिखित 15 कंपनियां पूरी तरह जांच के घेरे में हैं, जिनमें से दो कंपनियों को सीधे भुगतान की पुष्टि हो चुकी है:
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मातृस्वा इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड
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रिलायबल एंटरप्राइजेज
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रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
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श्री नेस्टबिल्ड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड
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अर्बन एनवायर्नमेंटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
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साई आशीर्वाद कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
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रीताश्री एंटरप्राइजेज
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तोशिबा वाटर सॉल्यूशंस
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केवड़िया कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
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भुगन इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
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जैनम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड
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ऑर्गेनिका प्राइवेट लिमिटेड
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ऑर्गेनिका 121 प्राइवेट लिमिटेड
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जेएम एनवायरो प्राइवेट लिमिटेड
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वीए टेक वबाग प्राइवेट लिमिटेड / ईएमएस इंफ्राकॉन
वर्तमान नगर आयुक्त का बयान
वर्तमान नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा ने बताया कि निगरानी टीम ने पूर्व अधिकारी के कार्यकाल की फाइलों की समीक्षा की है और इन फाइलों को विस्तृत जांच के लिए पटना मुख्यालय मंगाया गया है। नगर निगम प्रशासन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है।