Bihar
भागलपुर स्मार्ट सिटी में भी Rishu Shree का ‘खेल’, ई-टॉयलेट प्रोजेक्ट में एग्रीमेंट की उड़ाईं धज्जियां, अफसरों को कराई विदेश की सैर
भागलपुर | बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले के मुख्य आरोपी Rishu Shree और उसके सिंडिकेट के कारनामों की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है। सहरसा नगर निगम में करोड़ों की हेराफेरी उजागर होने के बाद अब भागलपुर स्मार्ट सिटी परियोजना में भी बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और जालसाजी का मामला सामने आया है। नियमों को ताक पर रखकर टेंडर हथियाने के लिए रिशु श्री अधिकारियों को महंगे फ्लैट और देश-विदेश की सैर तक कराता था।
Rishu Shree Tender Scam: अफसरों को फ्लैट, विदेश टूर और टेंडर पर कब्जा
जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ‘सर्वश्री रिलायबल इंटरप्राइजेज’ का प्रोपराइटर रिशु श्री अपने रसूख और सत्ता की हनक का इस्तेमाल कर मलाईदार टेंडर हासिल करता था।
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सिंडिकेट का प्रभाव: वह मनपसंद अधिकारियों की तैनाती करवाता था।
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रिश्वत का नया मॉडल: अफसरों को अपने प्रभाव में लेने के लिए वह उन्हें देश-विदेश की सैर कराता था और महानगरों में आलीशान फ्लैट दिलाता था। इसके बदले में अधिकारी आंख मूंदकर टेंडर उसी के सिंडिकेट को सौंप देते थे।
25 स्मार्ट ई-टॉयलेट प्रोजेक्ट: स्थापना के बाद काम बंद
भागलपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत रिशु श्री की कंपनी को शहर में 25 स्मार्ट ई-टॉयलेट स्थापित करने का ठेका मिला था।
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शुरुआत: इस परियोजना का शुभारंभ 16 मार्च, 2022 को हुआ था। बाद में 28 जून, 2022 को उसके सहयोगी साहिल सिन्हा को एग्रीमेंट (एकरारनामा) के लिए अधिकृत किया गया।
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शर्तों का उल्लंघन: करार के तहत एजेंसी को ई-टॉयलेट लगाने के साथ-साथ 5 वर्षों तक उनके संचालन, तकनीकी सहायता और रखरखाव (Maintenance) की जिम्मेदारी संभालनी थी। लेकिन स्थापना के बाद से ही एजेंसी ने सुध नहीं ली और ई-टॉयलेट कबाड़ में तब्दील होने लगे।
Rishu Shree Tender Scam: 6 समीक्षा बैठकें, पर ईमेल और नोटिस का नहीं दिया जवाब
स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने प्रोजेक्ट की बदहाली को देखते हुए लगातार रिशु श्री की कंपनी को नोटिस और ईमेल भेजे। इसके बाद प्रबंधन ने इन तारीखों पर समीक्षा बैठकें बुलाईं:
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वर्ष 2025: 10 सितंबर, 22 सितंबर, 18 नवंबर और 22 दिसंबर।
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वर्ष 2026: 3 फरवरी और 9 फरवरी।
इन 6 आधिकारिक बैठकों और बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद एजेंसी का कोई भी प्रतिनिधि या अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुआ। इससे योजना का मूल उद्देश्य पूरी तरह अधूरा रह गया और सरकारी राशि की बर्बादी हुई।
इशाकचक थाने में FIR दर्ज, अनुसंधान अंतिम चरण में
एजेंसी की इस घोर लापरवाही और धोखाधड़ी को देखते हुए भागलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तकनीकी प्रबंधक पंकज कुमार ने 9 फरवरी, 2026 को भागलपुर के इशाकचक थाने में रिशु श्री और साहिल सिन्हा के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया।
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आरोप: दोनों आरोपियों पर परियोजना की शर्तों के उल्लंघन, धोखाधड़ी और सरकारी कार्य में लापरवाही का संगीन आरोप है।
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जांच: मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। केस की जांच दारोगा नीलमणि कुमार दास को सौंपी गई है, और पुलिस सूत्रों के मुताबिक अनुसंधान (Investigation) अब अपने अंतिम चरण में है।
सहरसा के बाद भागलपुर में सामने आया यह मामला साफ करता है कि रिशु श्री का नेटवर्क पूरे बिहार के नगर निकायों और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स में किस कदर फैला हुआ था। बुडको और एसवीयू (SVU) की चौतरफा जांच के बीच भागलपुर पुलिस भी जल्द ही इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।