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Saharsa News: सहरसा-मानसी रेलखंड दोहरीकरण को मिली वित्तीय मंजूरी, 499 करोड़ से बदलेगी कोसी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी
Saharsa News: कोसी क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए बहुप्रतीक्षित सहरसा-मानसी रेलखंड के दोहरीकरण का मार्ग अब पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। रेलवे बोर्ड ने करीब 44 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण रेलखंड के दोहरीकरण हेतु 499 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, 30 सितंबर तक निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी कर इसी वर्ष जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू करने की रूपरेखा तैयार की गई है।
संशोधित प्रस्ताव के बाद रेलवे बोर्ड से हरी झंडी: Saharsa News
सहरसा-मानसी दोहरीकरण के शुरुआती प्रस्ताव में वित्तीय लागत काफी अधिक आंकी गई थी, जिसके कारण रेलवे बोर्ड से स्वीकृति अटकी हुई थी। इसके बाद परियोजना के बजट को युक्तिसंगत बनाते हुए लागत को 500 करोड़ रुपये के भीतर सीमित किया गया। संशोधित परियोजना रिपोर्ट भेजे जाने के बाद रेलवे बोर्ड ने 499 करोड़ रुपये के व्यय को अंतिम मंजूरी दी। इससे पहले वर्ष 2023 में करीब 80 लाख रुपये की लागत से दिल्ली की एजेंसी द्वारा इसका विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया था।
स्टेशनों और हॉल्टों पर बढ़ेगा ट्रैक नेटवर्क: Saharsa News
परियोजना के तहत केवल मुख्य लाइन का दोहरीकरण ही नहीं होगा, बल्कि क्रॉसिंग और मालगाड़ियों के रेक प्वाइंट की दक्षता बढ़ाने के लिए स्टेशनों पर लूप व साइडिंग लाइनों का भी विस्तार किया जाएगा:
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सोनबरसा कचहरी स्टेशन: यहां लाइनों की संख्या बढ़ाकर 7 करने की योजना है।
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बदला घाट स्टेशन: इस स्टेशन पर कुल 8 लाइनें विकसित की जाएंगी।
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हॉल्ट स्टेशनों का उन्नयन: वर्तमान में सिंगल लाइन वाले परमिनिया हॉल्ट, बाबा रघुनी हॉल्ट और फेंगो हॉल्ट पर दो-दो लाइनें बनाई जाएंगी, जिससे ट्रेनों का परिचालन सुगम होगा।
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प्रमुख स्टेशनों का जुड़ाव: यह परियोजना सिमरी बख्तियारपुर, कोपरिया और धमारा घाट जैसे प्रमुख स्टेशनों तथा कोसी व बागमती नदी पर बने तीन बड़े रेल पुलों की क्षमता को भी सुदृढ़ करेगी।
क्रॉसिंग के झंझट और ‘लूज टाइम’ से मिलेगी मुक्ति: Saharsa News
वर्तमान में सहरसा-मानसी रूट पर रोजाना 30 से अधिक पैसेंजर, मेल-एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें तथा 10 से 12 मालगाड़ियां चलती हैं। सिंगल लाइन होने के कारण ट्रेनों को पास देने के लिए अक्सर आउटर या हॉल्टों पर घंटों खड़ा रखा जाता है। सिमरी बख्तियारपुर से सहरसा के बीच मात्र 15 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेनों के टाइम-टेबल में 80 मिनट तक का ‘लूज टाइम’ दिया गया है। 110 किमी/घंटे की गति क्षमता होने के बावजूद ट्रेनें समय से पहले आकर आउटर पर खड़ी रहती हैं। दोहरीकरण पूरा होने के बाद यह लूज टाइम खत्म होगा और यात्रा समय में भारी बचत होगी।
नई व विस्तारित लंबी दूरी की ट्रेनों के खुलेंगे रास्ते: Saharsa News
लाइन क्षमता सीमित होने के कारण अभी सहरसा से कई नई ट्रेनों के संचालन में तकनीकी अड़चनें आती रही हैं। इस रेलखंड के दोहरीकरण के बाद सहरसा-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, दानापुर-सिकंदराबाद सुपरफास्ट के सहरसा तक विस्तार तथा सहरसा-रांची नीलांचल एक्सप्रेस जैसी कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के नियमित परिचालन की राह आसान हो जाएगी।