Bihar
राजनीति में कदम रखते ही राज्यसभा पहुंचेंगे निशांत?
राजनीति में कदम रखते ही राज्यसभा पहुंचेंगे निशांत? जेडीयू के बयानों से बढ़ी अटकलें
पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की संभावित राजनीतिक एंट्री चर्चा का केंद्र बनी हुई है। जेडीयू नेताओं के लगातार आ रहे बयानों ने इस अटकल को और तेज कर दिया है कि क्या निशांत सक्रिय राजनीति में आते ही राज्यसभा के लिए भेजे जा सकते हैं?
राज्यसभा की सीटों पर क्या है गणित?
मंगलवार (3 मार्च 2026) को जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने राज्यसभा चुनाव को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा संख्या बल के आधार पर राज्यसभा की पांचों सीटें एनडीए के खाते में जा सकती हैं।
विजय चौधरी के अनुसार, इनमें से कम से कम दो सीटें जेडीयू को मिलने की संभावना है। हालांकि इन सीटों पर पार्टी की ओर से किसे उम्मीदवार बनाया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय पार्टी के राष्ट्रीय नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर सकारात्मक माहौल है और कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए तैयार हैं।
नीरज कुमार ने दिया खुला समर्थन
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी निशांत कुमार की संभावित एंट्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि निशांत सादगी, संस्कार और सार्वजनिक जीवन की गरिमा को समझने वाले व्यक्ति हैं।
उनका कहना था कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पहले भी निशांत को सक्रिय राजनीति में देखने की इच्छा जता चुके हैं और कार्यकर्ताओं की भी यही अपेक्षा है।
हालांकि राज्यसभा को लेकर उन्होंने दोहराया कि उम्मीदवार तय करना पार्टी नेतृत्व का अधिकार है।
तेजस्वी से तुलना पर सियासी बयानबाजी
तेजस्वी यादव के संभावित राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू नेताओं ने तुलना को खारिज किया। नीरज कुमार ने कहा कि निशांत कुमार पर किसी प्रकार का कानूनी या भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है, जबकि तेजस्वी यादव कई मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं।
यह बयान साफ तौर पर आगामी राजनीतिक मुकाबले की पृष्ठभूमि भी तैयार करता दिख रहा है।
क्या होगा अगला कदम?
फिलहाल निशांत कुमार की औपचारिक राजनीतिक घोषणा का इंतजार है। लेकिन जिस तरह पार्टी के वरिष्ठ नेता एक के बाद एक बयान दे रहे हैं, उससे संकेत मिल रहे हैं कि जेडीयू संगठन के भीतर उनके लिए जमीन तैयार की जा रही है।
अब देखना होगा कि निशांत कुमार सीधे राज्यसभा की राह पकड़ते हैं या पहले संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालते हुए धीरे-धीरे सक्रिय राजनीति में कदम रखते हैं।